नई दिल्ली, 1 अगस्त 2026: भारतीय रेलवे ने सार्वजनिक हित में पांच ग्रुप ‘ए’ अधिकारियों को समयपूर्व सेवानिवृत्ति देने की सिफारिश की है। रेलवे बोर्ड की समीक्षा समितियों ने यह सिफारिश Indian Railway Establishment Code (IREC), Volume-II के Rule 1802(a) के तहत की है, जो Fundamental Rules के Rule 56(j) के समकक्ष है।
रेलवे मंत्रालय के अनुसार, समीक्षा समितियों ने संबंधित अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड का निर्धारित प्रक्रिया के तहत विस्तृत मूल्यांकन किया। इसमें Annual Performance Appraisal Reports (APARs), सत्यनिष्ठा संबंधी रिकॉर्ड, सतर्कता (Vigilance) से प्राप्त इनपुट, अनुशासनात्मक इतिहास तथा अन्य प्रासंगिक सेवा अभिलेखों की जांच की गई।
इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई की सिफारिश
समीक्षा समितियों ने निम्न श्रेणियों के पांच अधिकारियों की समयपूर्व सेवानिवृत्ति की सिफारिश की है:
- IRHS के दो SAG अधिकारी
- Northern Railway के IRSE के एक JAG अधिकारी
- Northern Railway के IRSEE के एक अधिकारी
- Western Railway के IRTS के एक JAG अधिकारी
रेलवे मंत्रालय के मुताबिक, संबंधित मामलों की समीक्षा के बाद समितियों ने सर्वसम्मति से सार्वजनिक हित में इन अधिकारियों की समयपूर्व सेवानिवृत्ति की सिफारिश की।
भ्रष्टाचार और लापरवाही पर ‘जीरो टॉलरेंस’
भारतीय रेलवे ने स्पष्ट किया है कि वह भ्रष्टाचार, सत्यनिष्ठा की कमी और अक्षमता के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करता है। मंत्रालय के अनुसार, सार्वजनिक सेवा में ईमानदारी, अनुशासन और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
रेलवे बोर्ड की ओर से की गई यह कार्रवाई संबंधित नियमों के तहत सेवा व्यवस्था में जवाबदेही और प्रशासनिक मानकों को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है।
source: स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), भारत सरकार | 1 अगस्त 2026 source: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश #Lucknow #HindiNews #DigitalNews #LOKMUDDA #लोकमुद्दा #उत्तरप्रदेश #छात्रवृत्ति #IndianConstitution #KnowYourNation #lokmudda #indian #civics #democracy #DigitalMedia #UttarPradesh #india #news #up #जनहित #UPNews



