लखनऊ, 18 अगस्त 2025। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में छुट्टा गोवंश के रखरखाव के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में 5 अरब रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। स्वीकृत राशि की पहली किस्त का उपयोग अस्थायी गोवंश आश्रय स्थलों की स्थापना, संचालन तथा संरक्षित गोवंश के भरण-पोषण के लिए किया जाएगा।
प्रमुख बिंदु
- 5 अरब रुपये की धनराशि छुट्टा गोवंश के रखरखाव के लिए स्वीकृत की गई है।
- पहली किस्त की राशि से अस्थायी गोवंश आश्रय स्थलों की स्थापना और संचालन तथा संरक्षित गोवंश के भरण-पोषण का कार्य किया जाएगा।
- स्वीकृत धनराशि का उपयोग अधिकतम 50 रुपये प्रतिदिन प्रति गोवंश की दर से किए जाने का प्रावधान है।
- पशुधन विभाग की ओर से संबंधित अधिकारियों को अस्थायी गोवंश आश्रय स्थलों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
- शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि धनराशि का उपयोग संरक्षित/सत्यापित गोवंश के भरण-पोषण के लिए ही सुनिश्चित किया जाएगा। अन्य मद में खर्च को वित्तीय नियमों का उल्लंघन और धनराशि का अपव्यय माना जाएगा।
- स्वीकृत कार्य या मद के लिए पहले से किसी अन्य स्रोत से धनराशि स्वीकृत न होने की भी पुष्टि की जाएगी।
- धनराशि का आवंटन/हस्तांतरण जिलों को उनकी मांग के अनुसार निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत किया जाएगा और प्रगति की जानकारी समय-समय पर शासन को दी जाएगी।
- राज्य सरकार ने निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश के समाधान के लिए ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका और अन्य नगरीय निकायों में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल स्थापित करने और उनके संचालन की नीति लागू की है।
सरकार का फोकस
इस स्वीकृति का उद्देश्य प्रदेश में निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश के लिए आश्रय, संरक्षण और नियमित भरण-पोषण की व्यवस्था को मजबूत करना है। शासनादेश में धनराशि के निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप इस्तेमाल और वित्तीय अनुशासन पर विशेष जोर दिया गया है।
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