नई दिल्ली, 31 जुलाई 2026। केंद्र सरकार ने देश में आयुष चिकित्सा पद्धतियों को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में अधिक व्यापक रूप से शामिल करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार के अनुसार, बीमा कंपनियों को आयुष सहित सभी चिकित्सा पद्धतियों के लिए पॉलिसीधारकों को अधिक विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना जरूरी है।
बीमा क्षेत्र के नियामक भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) द्वारा 29 मई 2024 को जारी हेल्थ इंश्योरेंस बिजनेस संबंधी मास्टर सर्कुलर के तहत बीमाकर्ताओं को ऐसे उत्पाद, ऐड-ऑन और राइडर्स उपलब्ध कराने हैं, जिनमें आयुष समेत सभी चिकित्सा पद्धतियों को कवर करने का विकल्प हो।
इसके साथ ही बीमा कंपनियों को बोर्ड से मंजूर अंडरराइटिंग पॉलिसी के माध्यम से यह सुनिश्चित करना है कि लागू नियामकीय प्रावधानों के अनुसार आयुष उपचार को अन्य चिकित्सा पद्धतियों के समान आधार पर कवर किया जाए। हालांकि, किसी विशेष आयुष उपचार का कवरेज और उसका भुगतान संबंधित स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी की शर्तों तथा लागू नियमों पर निर्भर करेगा।
2026 में आयुष उपचार के लिए नए बेंचमार्क रेट
आयुष मंत्रालय ने वर्ष 2026 में आयुष उपचारों के लिए बीमा कवरेज के बेंचमार्क रेट्स को संशोधित किया है। इसमें मानकीकृत उपचार पैकेज, अतिरिक्त प्रक्रियाएं और संबंधित परिचालन दिशा-निर्देश शामिल किए गए हैं।
सरकार का उद्देश्य आयुष उपचारों के बीमा कवरेज में मानकीकरण और पारदर्शिता को बढ़ावा देना है, जिससे बीमा कंपनियों और आयुष स्वास्थ्य संस्थानों के बीच प्रक्रिया अधिक स्पष्ट हो सके।
बीमा कंपनियों और आयुष संस्थानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम
आयुष मंत्रालय ने देशभर में जनरल इंश्योरेंस कंपनियों और आयुष क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के लिए पांच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं।
इन कार्यक्रमों में आयुष संस्थानों को Insurance Information Bureau of India (IIBI) की Registry of Hospitals in Network of Insurance (ROHINI) में पंजीकरण, बीमा कंपनियों के साथ एम्पैनलमेंट, डिजिटल दस्तावेजीकरण और क्लेम प्रोसेसिंग की जानकारी दी गई।
ये कार्यक्रम निम्न संस्थानों में आयोजित किए गए:
- इंस्टीट्यूट ऑफ टीचिंग एंड रिसर्च इन आयुर्वेद (ITRA), जामनगर
- ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA), नई दिल्ली
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ यूनानी मेडिसिन (NIUM), बेंगलुरु
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिद्ध (NIS), चेन्नई
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथी (NIH), कोलकाता
सरकारी आयुष अस्पतालों के बीमा नेटवर्क में शामिल होने की दिशा में MoU
16 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में आयोजित Ayush Chintan Shivir 2026 के उद्घाटन सत्र के दौरान आयुष मंत्रालय, AIIA के माध्यम से, और General Insurance Council (GIC) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते का उद्देश्य केंद्र और राज्यों के सभी सरकारी आयुष अस्पतालों को GIC के साथ साझा एम्पैनलमेंट की सुविधा प्रदान करना है। इससे बीमा पॉलिसीधारकों के लिए आयुष स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और पहुंच बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
आयुष हेल्थ इंश्योरेंस के लिए PMU की स्थापना
आयुष मंत्रालय ने ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, नई दिल्ली में आयुष हेल्थ इंश्योरेंस के लिए एक Project Management Unit (PMU) भी स्थापित किया है।
PMU की जिम्मेदारियों में आयुष अस्पतालों को बीमा कंपनियों के साथ एम्पैनल कराने में सहायता, एम्पैनलमेंट प्रक्रिया के दौरान तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग, बीमा कंपनियों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच समन्वय, शिकायतों के समाधान में सहायता तथा आयुष हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़ी पहलों के क्रियान्वयन में सहयोग शामिल है।
सरकार का कहना है कि इन पहलों से देश में आयुष स्वास्थ्य सेवाओं को बीमा व्यवस्था से जोड़ने और अधिक लोगों तक इन उपचार पद्धतियों की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।
source: यह जानकारी आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने शुक्रवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी। #HindiNews #DigitalNews #LOKMUDDA #लोकमुद्दा #उत्तरप्रदेश #छात्रवृत्ति #IndianConstitution #KnowYourNation #lokmudda #indian #civics #democracy #DigitalMedia #UttarPradesh #news #up #जनहित #UPNews #india



