यूएई के रास्ते भारत भेजी गई थी खेप, दस्तावेजों में पाकिस्तान की जगह यूएई को बताया गया मूल देश
नई दिल्ली, 5 अगस्त 2026। पाकिस्तान से भारत आने वाले सामान पर लगे प्रतिबंध को दरकिनार करने की कोशिश के खिलाफ राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने बड़ी कार्रवाई की है। डीआरआई ने कांडला बंदरगाह पर पाकिस्तान से कथित तौर पर आयात किए गए सूखे खजूर से भरे 13 कंटेनरों को जब्त किया है। जब्त माल की बाजार कीमत करीब 3 करोड़ रुपये बताई गई है।
डीआरआई के अनुसार, खुफिया सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में अधिकारियों ने कांडला बंदरगाह पर पहुंची सूखे खजूर की खेप की जांच की। दस्तावेजों में माल का मूल देश संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) बताया गया था, जबकि जांच में इसके पाकिस्तान से आने के संकेत मिले।
दुबई के रास्ते भारत पहुंची खेप
जांच में सामने आया कि सूखे खजूर को पहले पाकिस्तान से दुबई ले जाया गया। इसके बाद वहां माल को दूसरे कंटेनरों में स्थानांतरित कर भारत भेजा गया। डीआरआई को आशंका है कि इस पूरी प्रक्रिया का इस्तेमाल पाकिस्तान से भारत आने वाले सामान पर लागू प्रतिबंध से बचने के लिए किया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, आयातकों ने माल के मूल देश से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया और दस्तावेजों में गलत जानकारी दी। सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की संबंधित धाराओं के तहत पूरी खेप को जब्त कर लिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
पाकिस्तान से आयात पर भारत में प्रतिबंध
भारत सरकार ने विदेश व्यापार नीति, 2023 के तहत पाकिस्तान से उत्पन्न या पाकिस्तान से निर्यात की जाने वाली वस्तुओं के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात तथा पारगमन पर प्रतिबंध लगाया है। डीजीएफटी की अधिसूचना संख्या 06/2025-26 दिनांक 2 मई 2025 के बाद यह प्रतिबंध प्रभावी है।
डीआरआई की जांच के मुताबिक, कांडला की यह खेप उक्त प्रतिबंध का उल्लंघन करती पाई गई।
तूतीकोरिन में भी सामने आया था ऐसा मामला
डीआरआई ने पिछले सप्ताह तूतीकोरिन बंदरगाह पर भी इसी तरह के एक मामले का पर्दाफाश किया था। वहां करीब 1.4 करोड़ रुपये मूल्य की पाकिस्तानी गुग्गुल राल को भारत लाने की कोशिश का खुलासा हुआ था।
गुग्गुल राल की खेप को कथित तौर पर सोमालिया से उत्पन्न प्राकृतिक राल के रूप में घोषित किया गया था और इसे दुबई के रास्ते भारत भेजा गया। जांच में इसके पाकिस्तान से आने की बात सामने आई। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
गुग्गुल राल की संबंधित प्रजाति भारत और पाकिस्तान के शुष्क क्षेत्रों में पाई जाती है। इसे CITES परिशिष्ट-II में सूचीबद्ध किया गया है और आईयूसीएन की रेड लिस्ट में इसे गंभीर संरक्षण चिंता वाली श्रेणी में रखा गया है।
संगठित नेटवर्क पर डीआरआई की नजर
डीआरआई के लगातार सामने आ रहे इन मामलों से संकेत मिलता है कि जांच एजेंसी तीसरे देशों के जरिए प्रतिबंधित वस्तुओं को भारत लाने की कोशिश करने वाले नेटवर्क पर विशेष निगरानी रख रही है।
कांडला और तूतीकोरिन की कार्रवाइयों को सीमा शुल्क धोखाधड़ी, तस्करी और अवैध अंतरराष्ट्रीय व्यापार के खिलाफ डीआरआई की कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है। एजेंसी का कहना है कि ऐसे संगठित नेटवर्क की पहचान कर उन्हें रोकने और समाप्त करने के प्रयास लगातार जारी हैं।
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