ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा मजबूत संस्थागत आधार
लखनऊ, 6 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और संस्थागत सशक्तिकरण को नई गति देने के उद्देश्य से प्रदेश में ग्राम संगठनों के विस्तार का बड़ा निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ग्राम संगठनों की संख्या 65,460 से बढ़ाकर 75,460 करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा बेहतर संस्थागत सहयोग
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि डबल इंजन सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों का मजबूत नेटवर्क ग्रामीण अर्थव्यवस्था की वास्तविक शक्ति है और ग्राम संगठनों का विस्तार इस दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
ग्राम संगठनों की संख्या बढ़ने से अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों को संगठित ढांचे से जोड़ा जा सकेगा। इससे समूहों को समयबद्ध मार्गदर्शन, क्षमता संवर्धन, वित्तीय समावेशन और बैंकिंग सेवाओं तक बेहतर पहुंच के साथ विभिन्न आजीविका गतिविधियों का अधिक प्रभावी लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही ग्राम संगठनों की संस्थागत क्षमता और कार्यकुशलता में भी वृद्धि होगी।
तीन करोड़ ग्रामीण परिवारों की महिलाओं को जोड़ने का अभियान
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में तीन करोड़ परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस लक्ष्य को गति देने के लिए मिशन स्तर से सभी जनपदों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
ग्राम संगठनों की संख्या बढ़ने से नए स्वयं सहायता समूहों के गठन, निष्क्रिय समूहों को दोबारा सक्रिय करने और सामुदायिक नेतृत्व को मजबूत करने में तेजी आने की उम्मीद है। इससे मिशन के माध्यम से संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र परिवार तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
केशव प्रसाद मौर्य ने विश्वास जताया कि यह निर्णय ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने, उनके नेतृत्व कौशल को विकसित करने और गांवों में आत्मनिर्भर एवं सशक्त सामुदायिक संस्थाओं के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने भी ग्राम संगठनों की संख्या में वृद्धि को मजबूत, आत्मनिर्भर और प्रभावी सामुदायिक संस्थाओं के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इससे स्वयं सहायता समूहों को बेहतर संस्थागत सहयोग मिलेगा और ग्रामीण विकास एवं महिला सशक्तिकरण के लक्ष्यों को अधिक प्रभावी तरीके से हासिल किया जा सकेगा।
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