लखनऊ, 10 अगस्त 2026। किसानों को समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और लंबे समय से लंबित चकबंदी मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने चकबंदी प्रक्रिया में तेजी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
चकबंदी आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोध ने बताया कि कुछ गांवों में विकास योजनाओं, नदी कटान, 40 प्रतिशत से कम चकबंदी योग्य क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र में शामिल होने तथा गुटबंदी जैसे कारणों से चकबंदी संभव नहीं हो पा रही थी। ऐसे मामलों में चकबंदी अधिनियम की धारा 6(1) के तहत 7 जनपदों के 11 गांवों को चकबंदी प्रक्रिया से पृथक किया गया है।
इनमें चित्रकूट के अघगुंडा, औरा, पिलखिनी और तेरा बुजुर्ग, रायबरेली का अटौरा बुजुर्ग, हापुड़ का इकलेड़ी, संत कबीर नगर के जसावर, टप्पा-फिदाईपुर, सलाहाबाद और टप्पा-तरयापार, एटा का बरिगवां, प्रतापगढ़ का जगदीशपुर तथा गोरखपुर का टड़वा श्रीराम शामिल हैं।
वहीं विशेष प्रयासों के तहत तीन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया पूरी कराई गई है। इनमें अंबेडकरनगर का पीठापुर आशाजीतीपुर, ललितपुर का बरौनी नकीब और लखनऊ का शाहपुर राजा शामिल हैं। लखनऊ के शाहपुर राजा में धारा 52(1) के तहत मात्र दो वर्ष में चकबंदी का कार्य पूरा किया गया।
शासन के इस प्रयास से लंबित चकबंदी मामलों के निस्तारण में तेजी आने तथा संबंधित किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिलने की उम्मीद है। शाहपुर राजा में निर्धारित अवधि में कार्य पूरा करने के लिए जनपद स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की गई है।
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