लखनऊ, 9 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश में नकली और मानकविहीन खाद्य उत्पादों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने प्रदेशव्यापी विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान सॉस, जैम, जेली, मेयोनीज और चटनी बनाने वाली इकाइयों, स्टॉकिस्टों, वितरकों तथा थोक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों और गोदामों का सघन निरीक्षण किया गया।
विभाग के अनुसार, 15-16 जून तथा 6-7 जुलाई 2026 को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान लगभग 496 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और 801 खाद्य नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे गए। कार्रवाई के दौरान करीब 338.61 क्विंटल खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹27.77 लाख बताई गई है। इसके अलावा अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में रखे गए अथवा मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए गए करीब 259.33 क्विंटल खाद्य पदार्थ नष्ट कराए गए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹17.56 लाख है।
लखनऊ से गोरखपुर तक कार्रवाई
अभियान के दौरान कई जिलों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। लखनऊ में एक निर्माण इकाई से 458 किलोग्राम कालातीत सॉस, जिसकी कीमत करीब ₹1.19 लाख थी, सीज किया गया। वहीं बिना लाइसेंस संचालित एक खाद्य इकाई को मौके पर बंद कर सुधार सूचना जारी की गई।
कानपुर नगर में 8,600 लीटर कालातीत सॉस नष्ट कराया गया। एक अन्य प्रतिष्ठान से 3,060 किलोग्राम अचार जब्त किया गया और 3,000 किलोग्राम खराब रॉ मैटेरियल नष्ट कराया गया।
मथुरा में दूषित परिस्थितियों में रखी गई करीब 600 किलोग्राम अचार सामग्री नष्ट कराई गई। वहीं गाजियाबाद में 2,400 किलोग्राम दूषित परिस्थितियों में रखा अचार नष्ट कराया गया तथा दो अवैध अचार फैक्ट्रियों को सीज किया गया।
हाथरस में 6,300 किलोग्राम अचार और 3,600 किलोग्राम विभिन्न खाद्य पदार्थ नष्ट कराए गए। मुजफ्फरनगर में 2,000 किलोग्राम स्नैक सॉस नष्ट कराया गया, जबकि बागपत में 54 किलोग्राम सड़े-गले खाद्य पदार्थों को नष्ट किया गया।
सिंथेटिक रंग से तैयार किया जा रहा था नकली सॉस
अभियान की कार्रवाई में शाहजहांपुर और उन्नाव से नकली खाद्य उत्पाद तैयार किए जाने के मामले भी सामने आए। शाहजहांपुर में खराब सौंफ को सिंथेटिक रंग से रंगकर नई सौंफ के रूप में बेचने और उन्नाव में सिंथेटिक रंग के इस्तेमाल से नकली सॉस बनाए जाने के मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई।
उन्नाव में एक प्रतिष्ठान से 3,420 किलोग्राम विभिन्न प्रकार के सॉस जब्त किए गए। सिंथेटिक रंग के प्रयोग से नकली सॉस बनाए जाने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई।
शाहजहांपुर के जलालाबाद क्षेत्र में एक सौंफ प्रोसेसिंग यूनिट में सिंथेटिक रंग का इस्तेमाल कर खराब सौंफ को नया रूप देने का मामला सामने आया। यहां करीब 40 क्विंटल सामग्री, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹2.80 लाख थी, जब्त की गई और एफआईआर दर्ज कराई गई।
कई जिलों में खाद्य सामग्री जब्त और नष्ट
अभियान के दौरान कासगंज में 967 किलोग्राम सॉस, हापुड़ में 572 टोमैटो कैचप की बोतलें, चंदौली में 2,380 किलोग्राम आंवला मुरब्बा एवं पपीता क्यूब्स तथा मऊ में 460 किलोग्राम सॉस और अचार जब्त किए गए। वाराणसी और बरेली में भी विभिन्न खाद्य उत्पादों के नमूने लेकर कार्रवाई की गई।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य छोटे और खुदरा कारोबारियों या ठेले-खोमचे वालों का उत्पीड़न करना नहीं है। विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्रवाई के दौरान छोटे एवं खुदरा कारोबारियों का अनावश्यक उत्पीड़न न किया जाए, जबकि गलत कार्यों में शामिल खाद्य कारोबारियों पर लगातार नजर रखते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
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