लखनऊ, 13 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेस-वे के किनारे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आईएमएलसी) विकसित कर औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक और गंगा एक्सप्रेस-वे के आसपास विकसित किए जा रहे औद्योगिक केंद्र प्रदेश को देश के अग्रणी औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सरकार ने 24 जून 2020 के शासनादेश के माध्यम से निर्मित एवं निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने का निर्णय लिया था। इस योजना के तहत प्रदेश के 26 जनपदों में 27 स्थानों पर आईएमएलसी विकसित किए जा रहे हैं। परियोजना के लिए लगभग 12,700 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जिसमें से 10,795 एकड़ यानी 85.73 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण एवं पुनर्ग्रहण पूरा हो चुका है।
57 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावना
औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए 3 जुलाई 2025 को सभी 26 जनपदों के 27 आईएमएलसी स्थलों के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया गया था। इस पहल को उद्योग जगत से व्यापक समर्थन मिला है। अब तक लगभग 1,110 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनके माध्यम से करीब 57,148 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है।
उन्नाव नोड में 2,068 करोड़ रुपये का निवेश
आईएमएलसी परियोजना के तहत उन्नाव नोड में 125.992 एकड़ भूमि का आवंटन किया जा चुका है। यहां लगभग 2,068 करोड़ रुपये के निवेश से औद्योगिक इकाइयों की स्थापना प्रस्तावित है, जिससे करीब 2,160 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
मेरठ और हरदोई में भी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा
यूपीडा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेरठ नोड में 20.64 एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है। यहां करीब 321.04 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 1,814 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।
वहीं हरदोई नोड में 7.91 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। यहां करीब 142.50 करोड़ रुपये के निवेश से 326 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद है।
तीन जनपदों में 4,300 प्रत्यक्ष रोजगार की संभावना
अब तक तीन जनपदों में आठ कंपनियों को कुल 154.542 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है। इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 2,531.09 करोड़ रुपये का निवेश सुनिश्चित हुआ है और करीब 4,300 प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल एक्सप्रेस-वे नेटवर्क को औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए केंद्रों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आईएमएलसी के विकास से प्रदेश में विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और संबंधित औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
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