लखनऊ, जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने और होमस्टे संचालकों को अधिक सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति-2025 की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने बताया कि संशोधित व्यवस्था से प्रदेश में होमस्टे को अधिक लोकप्रिय बनाने में मदद मिलेगी।
नई व्यवस्था के अनुसार अब किसी भी होमस्टे प्रतिष्ठान में न्यूनतम 1 और अधिकतम 8 कमरों का पंजीकरण कराया जा सकेगा। पहले यह सीमा अधिकतम 6 कमरों तक थी। वहीं, 9 या उससे अधिक कमरों वाले भवन इस नीति के अंतर्गत पंजीकरण के पात्र नहीं होंगे। इसके अलावा 16 बिस्तरों वाली डॉरमिटरी को भी इस श्रेणी में शामिल किया गया है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि होमस्टे का स्वामी अथवा उसका परिवार संबंधित भवन में निवासरत होना अनिवार्य रहेगा। साथ ही, पंजीकरण प्रमाणपत्र के नवीनीकरण की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। अब आवेदक उत्तर प्रदेश पर्यटन पोर्टल के माध्यम से स्वयं ऑनलाइन नवीनीकरण कर सकेंगे तथा प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त होने से तीन माह पूर्व आवेदन कर सकेंगे। विलंब की स्थिति में जिला स्तरीय समिति उचित कारणों के आधार पर निर्णय लेगी।
उल्लेखनीय है कि 26 जून 2025 को जारी पूर्व एसओपी में अधिकतम 6 कमरों तक पंजीकरण की अनुमति थी तथा 12 बिस्तरों वाली डॉरमिटरी को इस श्रेणी में शामिल किया गया था। नए संशोधनों के बाद कमरे और डॉरमिटरी की क्षमता बढ़ाकर पर्यटन क्षेत्र में निवेश एवं रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया है।
source: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश #IndianConstitution #KnowYourNation #lokmudda #indian #civics #democracy #DigitalMedia #UttarPradesh #news #homestay #stay
