लखनऊ, जुलाई। उत्तर प्रदेश में भूमि सीमांकन प्रक्रिया को अधिक सटीक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए राजस्व परिषद ने आधुनिक तकनीक आधारित विशेष प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है। धारा-24 के अंतर्गत जीएनएसएस (GNSS) रोवर आधारित भूमि सीमांकन कार्य को गति देने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी 18 मंडलों में एक दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
राजस्व परिषद द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जीएनएसएस रोवर के बेहतर उपयोग, इसकी तकनीकी विशेषताओं तथा धारा-24 के अंतर्गत भूमि सीमांकन की मानकीकृत कार्यप्रणाली की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। साथ ही प्रत्येक मंडल में प्रशिक्षण के सफल संचालन एवं समन्वय के लिए अपर आयुक्त स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
यह मंडलवार प्रशिक्षण कार्यक्रम 9 जुलाई से 20 जुलाई 2026 तक संचालित किया जा रहा है। 15 जुलाई को अलीगढ़ एवं लखनऊ मंडल में प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। आगामी चरण में 16 जुलाई को आगरा एवं कानपुर, 17 जुलाई को झांसी एवं मिर्जापुर, 18 जुलाई को चित्रकूट एवं वाराणसी तथा 20 जुलाई को प्रयागराज एवं आजमगढ़ मंडलों में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।
राजस्व परिषद का मानना है कि इस पहल से भूमि सीमांकन में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होगा। इससे सीमांकन कार्य की गुणवत्ता, गति, सटीकता और पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार आएगा तथा नागरिकों को भूमि सीमांकन से संबंधित सेवाएं अधिक सुगमता और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो सकेंगी।
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